ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो इंटरनेट मीडिया

भाजपा नीत केंद्र सरकार एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काफी तेजी से काम कर रही है ,जो पूरे पूर्वोत्तर भारत की तस्वीर बदल के रख देगी। जी हां, आपने सही समझा। हम बात कर रहे हैं ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की। यह पूरी तरह से नई, तेज़ गति वाली सड़क , जो अविकसित (ग्रीनफील्ड) भूमि से होकर गुजरेगी। अहम बात तो यह है कि यह मौजूदा सड़कों का अनुसरण नहीं करती है, बल्कि नए मार्गों से होकर गुजरती है, जिससे यातायात की भीड़ से बचा जा सकता है और यात्रा का समय बेहद कम हो जाता है। इस तरह के एक्सप्रेस वे को अक्सर सीधे बनाया जाता है और इनकी औसतन गति सीमा 120 किमी/घंटा होती है।

यूपी -बिहार के रास्ते पूर्वोत्तर होगा कनेक्ट:
यह एक्सप्रेस वे गोरखपुर के रास्ते बिहार के भूखंड से होते हुए गलगलिया, खोड़ीबाड़ी के रास्ते बागडोगरा तक पहुंचेगी । कुल मिलाकर यह करीबन 800 किलोमीटर का एक्सप्रेस वे होगा। इसके बन जाने के बाद गोरखपुर से पूर्वोत्तर भारत सीधे जुड़ जाएगा। इतना ही नहीं परियोजना के मुताबिक यह सड़क दिल्ली के मुख्य सड़क से भी भविष्य में कनेक्ट होगी ।इसके बाद पूर्वोत्तर से सीधे दिल्ली तक का सफर एक्सप्रेसवे के जरिए बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सकेगा। जरा सोचिए अगर यह हो जाता है तो पूर्वोत्तर भारत की तस्वीर तो बदलेगी ही, यातायात की दुनिया में यह एक नया मुकाम भी हासिल करेगा। इसका श्रेय केंद्र सरकार के साथ ही उनके मंत्रियों और सांसद को भी जाता है ।

 सांसद राजू बिष्ट की विजनरी सोच ने  विकास की परिभाषा ही बदल दी :

ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की प्रतीकात्मक तस्वीर
फोटो इंटरनेट मीडिया

जानकारी है कि सिलीगुड़ी से लगे सेवक में कोरोनेशन ब्रिज का वैकल्पिक सेतु भी बनने जा रहा है, जो करीब 7 किलोमीटर का होगा और इस पर करीब 1000 करोड रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बस चंद महीनों में इसका टेंडर भी होने की बात कही गई है। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट बताते हैं कि इस एप्रोच रोड समेत ब्रिज का काम पूरा होने के बाद असम , सिक्किम, कालिमपोंग सीधे तौर पर इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के संपर्क में होगा। यह एक्सप्रेस वे के इतिहास में एक कृतिमान स्थापित करेगा।
आगे कहते हैं कि माटीगारा से सेवक तक सिक्स लेन व फोरलेन की सड़क का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। बस कुछ महीनो में ही यह प्रोजेक्ट पूरा भी हो जाएगा।

दरअसल इसे पूर्वोत्तर में सबसे बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। सच कहे तो इसके होने से हिमाली शहर सिलीगुड़ी की भी तस्वीर  बदल जाएगी। अगर आप  पिछले 3 से 4 सालों में इधर से होकर नहीं गुजरे हैं तो आप यहां बदलाव को देखकर चौंक जाएंगे और इस विकास का पूरा श्रेय सांसद राजू बिष्ट को जाता है।

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