महाकुंभ के बाद एक बार फिर से श्रद्धालुओं का सैलाब प्रयागराज के तट पर उमड़ने लगा है। तीर्थराज प्रयागराज में 3 जनवरी से माघ मेले का शुभारंभ हो रहा है। पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व से शुरू होने वाले इस मेले में 75 वर्षों बाद दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं। इस बार माघ मेले में ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण यह समय अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। माघ मेले की अवधि 15 फरवरी तक रहेगी, जिसमें छह मुख्य स्नान पर्व आयोजित किए जाएंगे.
पौष पूर्णिमा हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र तिथि मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान और भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की पूजा से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। इस बार पौष पूर्णिमा तिथि का शुभारंभ 2 जनवरी की शाम 6:53 बजे होगा और इसका समापन 3 जनवरी को दोपहर 3:32 बजे होगा। इस दिन संगम तट पर लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान करेंगे।
मेला परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:
माघ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। पूरे मेले क्षेत्र को सात सेक्टरों में बाँटा गया है और 17 थाने तथा 42 पुलिस चौकियाँ स्थापित की गई हैं। 400 एआई आधारित कैमरों से मेले की निगरानी की जा रही है।

