उत्तर भारत समेत बिहार में जनवरी की शुरुआत से मौसम शुष्क बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार, पूरे जनवरी में राज्य में बारिश की संभावना बहुत कम है। सामान्य से काफी कम वर्षा होने का अनुमान है, जिससे ठंड शुष्क होकर और तीव्र हो जाएगी। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों तक सीमित रहेगा, इसलिए बिहार में कोई महत्वपूर्ण बारिश नहीं होगी। आईएमडी की रिपोर्टों और मौसम मॉडलों के अनुसार, जनवरी 2026 में बिहार में कुल वर्षा सामान्य (लगभग 9.4 mm) से काफी कम रहने की उम्मीद है। ज्यादातर दिनों में वर्षा की संभावना 0% रहेगी, और कोई महत्वपूर्ण बरसात का दिन नहीं होगा। यह शुष्क मौसम ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रात के तापमान को और नीचे ले जाएगा। पश्चिमी हिस्सों में शीतलहर अधिक प्रबल होगी, लेकिन बारिश से राहत की कोई गुंजाइश नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, लेकिन इसका सीधा प्रभाव बिहार पर नहीं पड़ेगा। राज्य में कम से कम अगले 10 दिनों तक वर्षा की मात्रा शून्य रहेगी। इससे घना कोहरा और कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी।
कम बारिश से ठंड का प्रभाव बढ़ेगा
सामान्य से कम वर्षा के कारण जनवरी पूरे महीने शुष्क और ठंडा रहेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। बारिश न होने से दिन में धूप निकलेगी, लेकिन रातें ठिठुरन भरी होंगी। आईएमडी ने सलाह दी है कि लोग गर्म कपड़े पहनें और बारिश की उम्मीद न रखें—यह महीना पूरी तरह शुष्क सर्दी वाला रहेगा।

