एनसीपी प्रमुख अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक सूनापन आ गया है। पूरा महाराष्ट्र अपने चहेते नेता को लेकर दुखी है। इस मृत्यु ने न सिर्फ महाराष्ट्र के जनमानुष को झकझोरा है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक खालीपन ला दिया है। उनके निधन के बाद अब इस बात के चर्चे हो रहे हैं कि उनके नेतृत्व वाली एनसीपी की कमान आखिर कौन संभालेगा ।महाराष्ट्र निकाय चुनाव के समय उन्होंने अपने चाचा शरद पवार की के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। वर्तमान समय में महाराष्ट्र में एनसीपी के 41 विधायक हैं और एक राज्यसभा सांसद हैं । प्रफुल्ल पटेल जैसे सरीखे नेता उनके पार्टी में हैं ।ऐसे में सवाल है कि क्या प्रफुल्ल पटेल ही पार्टी की कमान संभालेंगे या फिर जो उनकी पार्टी के 41 विधायक हैं, वह अपना कोई नेता चुनते हैं। यह देखने वाली बात है कि अजीत पवार की पत्नी भी राज्यसभा सांसद हैं और वह भी राजनीति में कदम बढ़ा चुकी हैं। अब देखना है कि क्या वह पार्टी की कमान संभालती हैं या फिर सुप्रिया सुले जो अजीत पवार को दादा शब्द से संबोधित करती थी और अजीत पवार भी उन्हें काफी मानते थे उनके हाथ इसकी कमान आती है। एक बहुत बड़ा सवाल है ,जिसका जवाब मिलने में कुछ वक्त लगेगा। बता दे की महाराष्ट्र की राजनीति में अजीत पवार देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे , एकनाथ शिंदे ,शरद पवार के शासनकाल में करीब छह बार उप मुख्यमंत्री रह चुके थे। वह महाराष्ट्र की जमीनी राजनीति से जुड़े हुए थे। वह महाराष्ट्र की राजनीति भी अच्छी तरह जानते हैं और समझते थे। माना जा रहा था कि भविष्य में वह महाराष्ट्र की राजनीति में एक उगते हुए सितारा थे। कुछ विवादों को छोड़ दे तो वह राजनीति में बड़े ही लोकप्रिय नेता रहे हैं। बता दे की महाराष्ट्र की राजनीति हमेशा से पवार परिवार के इर्द-गिर्द घूमती रही है। चाहे जिसकी भी महाराष्ट्र में सरकार बने पवार परिवार का उसमें भागीदारी तय मानी जाती थी। अजीत पवार के निधन के बाद पवार परिवार को काफी गहरा झटका लगा है। यहां तक की शरद पवार भी अपने भतीजे अजित पवार से काफी प्यार करते थे और उनके लिए वह हमेशा हर समर्पण को तैयार रहते थे। उनके निधन पर न सिर्फ प्रधानमंत्री बल्कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री
देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे ,राहुल गांधी तमाम नेताओं ने अपनी संवेदना प्रकट की है।

