बसपा के कभी सबसे भरोसेमंद नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब कांग्रेस छोड़कर एक बार फिर से बसपा के पाले में जाने को तैयार हैं। हालांकि उनकी ओर से अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि वह बहुजन समाज पार्टी में जा सकते हैं, हालांकि उनके चंद्रशेखर की पार्टी आजाद जनता पार्टी में भी जाने की भी अटकलें हैं। जानकारों का मानना है कि वह बीएसपी का दामन थामेंगे, क्योंकि बीएसपी के शासन में वह दो बार मंत्री रह चुके हैं और बसपा में उन्हें खुलकर काम करने की आजादी भी मिलती है, तभी तो कभी मायावती उन्हें छोटे सीएम कहती थीं ।इतना ही नहीं बसपा के साथ उनका पुराना पारिवारिक रिश्ता है। उनके बड़े भाई कभी माननीय काशीराम के बेहद करीबी माने जाते थे। ऐसे में वह बसपा का साथ दे सकते हैं । नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बारे में कहा जाता है कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बेहद प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं । मायावती को अभी इस तरह के लोगों की जरूरत भी है ,जो उनके पार्टी को फिर से आगे ले जाए। बसपा पिछले कुछ समय से बेहद ही निष्क्रिय अवस्था में चली गई है, हालांकि मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद के जरिए फिर से एक बार पार्टी को गति देने की कोशिश कर रही है । 2027 में विधानसभा का चुनाव होना है और अभी 1 साल का समय बाकी है और इन्हीं 1 सालों में बहुजन समाज पार्टी अपनी रफ्तार तेज करना चाहती है और इसमें अपने भतीजे को भी आगे बढ़ाने की कोशिश है। उन्हें भविष्य के नेता बनने की कोशिश है। ऐसे में नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे नेता सहायक सिद्ध हो सकते हैं। साथ ही वोट बैंक वाले नेता को लेना हर कोई चाहता है। कांग्रेस में अपनी उपेक्षा के चलते वह कांग्रेस छोड़ने को विवश हुए हैं ,हालांकि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अभी उन्हें मनाने की जुगत में है। लेकिन माना जा रहा है कि वह कांग्रेस में वापसी नहीं करेंगे। देखना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी का अगला कदम क्या होता है, क्योंकि राजनीति कब किस करवट बैठ जाए कोई नहीं जानता है।

