भारत में केंद्रीय कर्मचारी की बल्ले बल्ले होने जा रही है । जी हां आपने ठीक पढ़ा । इन दोनों आठवें पे कमीशन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशन भोगियों में भी इस बात को लेकर दिलचस्पी बढ़ गई है कि इसे कब तक लागू किया जाएगा। जरा गौर कीजिए मनमोहन सिंह सरकार का वह दौर जिसमें छठा पे कमिशन लागू किया गया था तथा सातवें के लिए सिफारिश की गई थी, जिसे नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2014 में आने के बाद लागू किया था और इसके बाद जो कर्मचारी 8 से ₹10000 वेतन पाते थे ,वह एकाएक 40000 से ऊपर वेतन पाने लगे थे । इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखा था। एक बार फिर इस चर्चा ने कर्मचारियों के चेहरे पर रौनक ला दी है। सरकार ने इसकी सिफारिश भी कर दी है ,लेकिन यह तय नहीं है कि इसे लागू कब तक किया जाएगा। यह केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में संशोधन से जुड़ा है।
सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी।
अक्टूबर 2025 में कैबिनेट ने इसके Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दी।
3 नवंबर 2025 को वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर आयोग का गठन किया।
आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं, साथ में एक पार्ट-टाइम सदस्य (प्रो. पुलक घोष) और सदस्य-सचिव (पंकज जैन) हैं। आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है (यानी मई 2027 तक)। अंतरिम रिपोर्ट भी दी जा सकती है। लागू होने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। यह सरकार बाद में तय करेगी, और स्वीकृत सिफारिशों के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में 1 जनवरी 2026 से लागू होने की अटकलें थीं, लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया है।
7वें आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है, लेकिन DA/DR की बढ़ोतरी जारी रहेगी जब तक नया आयोग लागू नहीं होता।

