- सिंगूर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 28 जनवरी को प्रशासनिक बैठक करने जा रही हैं । यह बैठक विकास संबंधी योजनाओं को लेकर होगा। मीडिया सूत्रों के अनुसार इसी दिन राज्य के करीब 16 लाख लोगों को बांग्लार बाड़ी योजना के लिए पैसे की पहली किस्त जारी होगी। कहा जा रहा है कि जनकल्याण संबंधी योजनाओं के रूप में यह सबसे बड़ी फंड की घोषणा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने की थी जनसभा और परियोजनाओं का शिलान्यास:
दरअसल हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी सिंगूर में एक जनसभा को संबोधित किए थे और कई परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन किए गए थे। अब मुख्यमंत्री के भी वहां जनसभा करने की खबरें आ रही है। 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हर नजरिए से बेहद सतर्क है ,वह कोई भी ऐसी राजनीतिक गलती नहीं करना चाहती है, जिससे विपक्षी को जमीन तैयार करने का मौका मिले। आपको तो याद ही होगा यह वही सिंगूर है ,जहां 2008 में ममता बनर्जी की अगुवाई में एक बड़ा जन आंदोलन हुआ था और वह आंदोलन धीरे-धीरे पूरे राज्य भर में फैला गया था और इसी के बाद धीरे-धीरे यह लड़ाई तेज होती गई और 2011 में बंगाल की सत्ता में ममता बनर्जी आईं । उस समय सिंगूर में टाटा का कारखाना लगना था ,लेकिन वह कारखाना आंदोलन के कारण ही नहीं लग पाया और वहां की जमीन किसानों को दिए जाने का वादा किया गया। अब जब मोदी ने उस जमीन पर पांव रखे तो राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कहीं फिर से सिंगुर का मुद्दा राजनीतिक सुर्खियां ना बन जाए ,इसलिए अब तृणमूल कांग्रेस सरकार बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है और वह जल्द ही सिंगुर की धरती से जनकल्याण के रूप में कुछ योजनाओं की घोषणा करने जा रही है, जिससे किसी भी रूप में विरोधियों को मौका ना मिले। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजनीति की माहिर खिलाड़ी मानी जाती हैं। वह राजनीतिक बड़े ही संजीदगी से करती हैं । यही कारण है कि पिछले 15 सालों से राज्य की सत्ता में बनी हुई है। भाजपा लाख कोशिश कर रही है ,लेकिन वह अब तक राज्य में पैठ नहीं बना सकी है। यह सच है कि राज्य में तृणमूल का संगठन बेहद मजबूत है, उसके मुकाबले भाजपा ,कांग्रेस का संगठन काफी कमजोर है ।पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य में 77 सीट जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी बनी थी। अब उसकी कोशिश है कि वह किसी तरह सत्ता हासिल करे।तृणमूल कांग्रेस की पूरी कोशिश है कि वह चौथी बार राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाए।

