भले ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव 2027 में होना है ,लेकिन उससे पहले ही मायावती ने चुनावी ताल ठोक दिया और उन्होंने ब्राह्मण व क्षत्रिय मतदाताओं को रिझाने की कोशिश भी की है।अपने जन्मदिन पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सभी सरकारें बसपा द्वारा ही चलाई जा रही योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने भ्रम फैलाकर बसपा को तोड़ने की कोशिश की है। कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं। इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे। बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी। ब्राह्मणों को किसी काभले ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव 2027 में होना है ,लेकिन उससे पहले ही मायावती ने चुनावी ताल ठोक दिया और उन्होंने ब्राह्मण व क्षत्रिय मतदाताओं को रिझाने की कोशिश भी की है।अपने जन्मदिन पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सभी सरकारें बसपा द्वारा ही चलाई जा रही योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने भ्रम फैलाकर बसपा को तोड़ने की कोशिश की है। कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं। इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे। बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी। ब्राह्मणों को किसी का चोखा बाटी नहीं चाहिए। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी। बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है। बसपा ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है।
सरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया। उनकी उपेक्षा की गई। दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा। बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ। हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया।उन्होंने यह भी कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में हम किसी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे, क्योंकि हमें गठबंधन करने पर उनके वोट नहीं मिलते हैं। भविष्य में जब अगड़ों का वोट हमें मिलने की संभावना दिखेगी तो हम गठबंधन करेंगे, फिलहाल नहीं। उन्होंने कहा कि हम आने वाले हर चुनाव अकेले ही लड़ेंगे। चोखा बाटी नहीं चाहिए। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी। बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है। बसपा ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है।
अकेले ही अपने दम पर लड़ेंगे चुनाव:
सरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया। उनकी उपेक्षा की गई। दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा। बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ। हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया।उन्होंने यह भी कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में हम किसी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे, क्योंकि हमें गठबंधन करने पर उनके वोट नहीं मिलते हैं। भविष्य में जब अगड़ों का वोट हमें मिलने की संभावना दिखेगी तो हम गठबंधन करेंगे, फिलहाल नहीं। उन्होंने कहा कि हम आने वाले हर चुनाव अकेले ही लड़ेंगे।

