यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि यूजीसी की नई गाइडलाइन अस्पष्ट है और इसका दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार व यूजीसी को इस पर नया मसौदा तैयार करने को कहा है। साथ ही मामले पर जल्द ही अगली सुनवाई 19 मार्च को करने की बात भी कही है। सीजेआई सूर्यकांत ने यह भी कहा कि संरक्षित वर्ग को को उसके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता है ,लेकिन पूरे मामले पर सब कुछ स्पष्ट होना जरूरी है और केंद्र सरकार और यूजीसी को इस पर अपनी बात स्पष्टता के साथ रखनी होगी।
बता दे कि पिछले एक सप्ताह से यूजीसी को लेकर पूरे देश भर में आंदोलन चल रहे थे। खासतौर से यूपी और बिहार जैसे राज्यों में आंदोलन तेज हो गया था। कई जगह पर पुलिस के साथ झड़प की भी खबरें आ रही थी और कहीं ना कहीं अस्थिरता पैदा होने का खतरा भी बढ़ गया था।हालांकि मामले की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्वीकार कर ली थी ,इसके बाद से समझाया जा रहा था कि सुप्रीम कोर्ट मामले में जल्द सुनवाई कर सकती है और गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई कर दी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद निश्चित तौर जारी गतिरोध खत्म हो जाएगा। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या कुछ आदेश देता है। वह आदेश क्या होता है। यह जानने के लिए 13 फरवरी तक इंतजार करना होगा। दरअसल यूजीसी ने नई गाइडलाइन जारी की थी जिसमें सवर्ण समाज को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया था ,जबकि सवर्ण समाज का कहना था कि यूजीसी के ईओसी कमेटी में भी उनका प्रतिनिधि होना चाहिए ताकि यदि उनके खिलाफ भी कोई मामला आए तो वह अपना बचाव कर सकें या अपनी सफाई रख सके और इसको लेकर ही पिछले कुछ समय से गतिरोध बना हुआ था।

