वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने आप को पूरी तरह से खड़ा कर लेना चाहती है। बिहार चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद शायद कांग्रेस ने यह समझ लिया है कि अब मजबूत हाथों में कमान देने ही होगी। जनता को एक कांग्रेस से मजबूत नेता मिलने ही चाहिए ,जो एक उम्मीद पैदा कर सके। उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस प्रियंका गांधी को यूपी की कमान देने की तैयारी में है। 12 जनवरी को उनके जन्मदिन पर मौके पर परिवर्तन प्रतिज्ञा यात्रा की शुरुआत हो रही है ,जो पूरे साल चलेगी। यह न सिर्फ समाज के पिछड़े वर्ग को जोड़ने की कोशिश होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश से एक संदेश देने का भी काम होगा।
दोबारा प्रियंका गांधी को यूपी का प्रभारी बनाया जाएगा:
कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को फिर से यूपी का प्रभारी बनाया जा सकता है। बीते एक साल से उनके पास किसी राज्य का प्रभार नहीं है। इससे पहले वह यूपी की प्रभारी थीं, लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दिसंबर 2023 में खुद को यूपी के प्रभार से अलग कर लिया था। प्रियंका ने पूरा फोकस अमेठी और रायबरेली पर कर दिया था।
प्रियंका के करीबियों का मानना है कि जल्द ही दोबारा प्रियंका गांधी को यूपी का प्रभारी बनाया जाएगा। इसमें केवल औपचारिकता शेष बची है। कांग्रेस में एक तबका उन्हें संगठन महासचिव के रूप में भी देखना चाहता है, लेकिन कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि फिलहाल उन्हें यूपी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यूपी के कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे हैं। अब देखना है कि कांग्रेस की यह रणनीति कब तक निकल के सामने आती है।

