देश का सर्वोच्च सम्मान पदम श्री ,पदम भूषण और भारत रत्न जैसे अवार्ड मिलने वाले को अंतिम समय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। यह एक परंपरा है ,लेकिन अब बातें सामने आ रही है कि धर्मेंद्र को यह सम्मान नहीं दिया गया । कहा जा रहा है कि परिवार की ओर से इसके लिए आवेदन नहीं किया गया था। क्योंकि मृत्यु के बाद प्रशासन को जरूरी सूचना देनी होती है ,तब जाकर यह प्रक्रियाएं पूरी होती हैं। अतीत में लता मंगेशकर से लेकर मनोज कुमार, श्रीदेवी, शशि कपूर समेत कई कलाकारों की अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ दी गई।
जानकारी यह कहती है कि किसी भी व्यक्ति को राजकीय सम्मान दिलाने के लिए परिवार को सबसे पहले प्रशासन को सूचना देनी होती है। इतना ही नहीं बल्कि एक रिक्वेस्ट लेटर भेजा जाता है, जिसमें मृतक की उपलब्धियों और पुरस्कारों के बारे ने बताया जाता है। अब इसका तो असल कारण परिवार की ओर से ही बताया जा सकता है, लेकिन इतना तो कहा ही जा सकता है कि उन्हें तो जीते जी उनके उपलब्धियां के हिसाब से पुरस्कारों ने भी न्याय नहीं किया । अंत में यह भी नहीं मिला । वह तो आम लोगों के अभिनेता थे और आम लोगों के बीच ही विदा हो गए। उनकी फिल्म सत्यकाम देखिए भले ही वह फिल्म है, लेकिन धर्मेंद्र सत्यकाम के करीब थे ,जो अंदर थे,वही बाहर भी थे।

