जब हमारी सेना जीतती है तो देश का मनोबल ऊंचा हो जाता है । अगर इस कड़ी में हम जब भारत की बात करते है तो इसकी गौरव गाथा हमेशा से महान रही है। अपने पराक्रम से अतीत में भारत में कई युद्ध जीते हैं । दुश्मन देश को हमारी सेना ने धूल चटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।16 दिसंबर को भारत विजय दिवस मान रहा है ।1971 के युद्ध में हमने जिस तरह पाकिस्तान पर बड़ी विजय हासिल की और उनके 90000 जवानों को आत्म समर्पण कराया तो दुनिया ने भी हमारे पराक्रम का लोहा मान लिया। हमारे सैन्य नेतृत्व और वीरता के चर्चे विश्व के हर कोने-कोने में हुए। हमने उस युद्ध में अपने कई जवानों को बलिदान दिए। हमारे वीर जवान देश की रक्षा करते-करते अपनी प्राणों की आहुति दे दिए । विजय दिवस पर उन जवानों को राष्ट्र हर बार की तरह इस बार भी नमन कर रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1971 के शहीदों को नमन करते हुए उन्हें भाविनी श्रद्धांजलि अर्पित की है, वही प्रमुख राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के नेताओं ने भी वीर जवानों को नमन किया है। खासतौर से कांग्रेस की प्रियंका गांधी ने 1971 के युद्ध को याद करते हुए उसके सौरगाथा पर टिप्पणी की है तथा शहीदों को नमन किया है।
दर्शन 1971 के युद्ध में हमने पाकिस्तान को करारी मार दी थी। जनरल मानेक शॉ ने कुशल नेतृत्व देते हुए उसे युद्ध में पाकिस्तान को परास्त करते हुए बांग्लादेश को हमेशा के लिए स्वतंत्र करा दिया था। उनकी वीरता की कहानी हमेशा के लिए इतिहास में अमर हो गई।
भारतीय सेना ने घुटने पर ला दिया था, सबसे बड़ा सैन्य समर्पण
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