कोलकाता: भारतीय राजनीतिक कार्य समिति (आई-पैक) के प्रमुख *प्रतिक जैन* के परिवार ने 8 जनवरी 2026 (गुरुवार) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि ईडी ने उनके घर पर छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि प्रतीक जैन की पत्नी ने शेक्सपीयर सरानी थाने में यह शिकायत दर्ज की है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमने ईडी के खिलाफ चोरी की औपचारिक शिकायत प्राप्त की है और इसकी जांच कर रहे हैं। जांच के निष्कर्ष के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
ईडी ने गुरुवार सुबह 6 बजे से कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर (सॉल्ट लेक) और प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पर छापेमारी शुरू की थी। यह कार्रवाई कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। छापेमारी करीब 9 घंटे से अधिक चली और शाम करीब 3 बजे ईडी टीम घर से रवाना हुई।
ईडी ने राज्य में 6 और दिल्ली में 4 स्थानों सहित कुल 10 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी थी। एजेंसी का दावा है कि यह जांच कोयला तस्करी सिंडिकेट से जुड़ी है, जिसमें अवैध कोयला खनन और हवाला लेनदेन शामिल हैं। प्रतीक जैन के खिलाफ हवाला और नकद लेनदेन के ठोस सबूत होने का दावा किया गया है।
आई-पैक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को राजनीतिक परामर्श देती है और पार्टी के आईटी एवं मीडिया संचालन का भी प्रबंधन करती है। यह फर्म प्रशांत किशोर द्वारा शुरू की गई थी और वर्तमान में टीएमसी के साथ जुड़ी हुई है।
ममता बनर्जी का सीधा हस्तक्षेप:
छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचीं और बाद में आई-पैक के सॉल्ट लेक दफ्तर पर गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी टीएमसी के आंतरिक दस्तावेज, हार्ड डिस्क, संवेदनशील डेटा और 2026 विधानसभा चुनाव की रणनीति चुराने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी ने एक हरी फाइल हाथ में दिखाते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के दस्तावेज वापस ले लिए हैं।
ईडी ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जांच में बाधा डाली और दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए। एजेंसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। वहीं, आई-पैक ने भी छापेमारी की वैधता को चुनौती दी है।
यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (2026 के पहले छमाही में होने वाले) से ठीक पहले हुआ है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

