बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड में, उत्तराखंड सरकार ने अभिभावकों की मांग पर मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह फैसला अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के बाद लिया, जिसमें उन्होंने न्याय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। हालांकि देखना है कि इस मामले में किस हद तक न्याय मिल पाता है ,क्योंकि सिर्फ सीबीआई जांच ही काफी नहीं है ,बल्कि इसकी सही से मॉनिटरिंग भी जरूरी है। इधर
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अंकित भंडारी हत्याकांड (2022) की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच के आदेश देने की घोषणा की। यह आदेश अंकित भंडारी के अभिभावकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद दिया गया। अंकिता भंडारी के अभिभावकों ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से अपनी बेटी की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की थी। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने बुधवार रात धामी से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपा जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा मामले की जांच की मांग की गई थी। सीएम धामी बोले- बेटी को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
एक वीडियो संदेश में धामी ने कहा कि बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंकिता के माता-पिता ने भेंट के दौरान CBI जांच की मांग रखी थी जिसका सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने इस मामले की जांच CBI से कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे कहा कि मातृशक्ति की सुरक्षा एवं उनके सम्मान के लिए हमारी सरकार सदैव प्रतिबद्ध रही है। देवभूमि उत्तराखंड में कानून का राज है, यहां दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तराखंड की राजनीति और चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आरोपों के बीच उभरे विवाद के बीच पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो प्रकरण में उनकी तथाकथित पत्नी उर्मिला सनावर से एसआईटी ने हरिद्वार में करीब सात घंटे तक मैराथन पूछताछ की।
पूछताछ के बाद जहां उर्मिला ने खुद को निष्पक्ष जांच का समर्थक बताते हुए अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की बात दोहराई, वहीं पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने पूरे मामले को साजिश, ब्लैकमेलिंग और राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए. इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब सबकी निगाहें एसआईटी की जांच और सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।
कौन थी अंकिता भंडारी:
अंकिता भंडारी उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले के गंगा-भोगपुर में वनंतरा रिज़ॉर्ट में एक रिसेप्शनिस्ट थीं ,जिनके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म हुआ और उसके बाद उनकी हत्या कर दी गयी।इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण सड़कों पर लोगों का जन्म सैलाब उमड़ पड़ा। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। इस घटना में धामी सरकार की काफी आलोचना हुई है।

