प्रधानमंत्री मोदी जो भी कदम उठाते हैं उसके पीछे एक मकसद होता है। बिना लक्ष्य के वह कोई काम नहीं करते हैं । उत्तर प्रदेश में राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर जनसंघ के तीन सदस्यों की प्रतिमा का अनावरण भी एक खास उद्देश्य से किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल होते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समूचे गणित को समझते हुए पूरे घटनाक्रम को समेटने का काम किया। मंच से उन्होंने हर उस वर्ग के प्रतिनिधि को याद करने का काम किए, जिसके जरिए वोट बैंक हासिल हो सकते हैं। मोदी जी का सोशल इंजीनियरिंग काफी तगड़ा है । वह भाप लेते हैं कि किस समय क्या कहना है और किस चीजों का क्या असर हो सकता है। क्रिसमस पर मोदी दिल्ली के एक चर्च में भी गए। कहा जा रहा है कि चर्च में जाने के पीछे भी उनके उद्देश्य थे। अगले साल होने वाले केरल में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर उनका यह कदम था। दरअसल केरल में बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग हैं और उसे साधे बिना वहां पांव जमाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है इतना ही नहीं उन्होंने प्रेरणा स्थल कार्यक्रम से डॉक्टर भीमराव राव अंबेडकर, राजा सुहेलदेव और निषाद राज को याद किया। इतना ही नहीं उन्होंने इतिहास के पन्नों में डॉ भीमराव अंबेडकर को कम जगह दिए जाने का आरोप भी कांग्रेस पर लगाया उन्होंने कहा कि कांग्रेस में डॉक्टर अंबेडकर को वह स्थान नहीं दिया जो उन्हें मिलना चाहिए था। कहा तो यह भी जा रहा है कि यह मोदी का मास्टर स्टोक है। वह इस आयोजन व सभा के जरिए 2027 में योगी आदित्यनाथ के लिए राह आसान कर दिए हैं।हालांकि राजनीति है, हर पल बदलती रहती है। 2027 में अभी भी वक्त है देखना होगा कि सोशल इंजीनियरिंग कितना रंग लाती है।

