उत्तर प्रदेश चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती सक्रिय होती चली जा रही हैं। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद वह लंबे समय तक निष्क्रिय रही थीं ।उनकी राजनीतिक गतिविधियां बिल्कुल ही शांत हो गई थी ।एक समय तो ऐसा लगता था कि जैसे उनकी पार्टी बिल्कुल ही शिथिल हो गई है, लेकिन अपने जन्मदिन के बाद वह फिर से उत्तर प्रदेश की राजनीति में तेजी के साथ कम बैक कर रही हैं। जल्द ही उनकी पार्टी की ओर से उनके भतीजे आकाश आनंद के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में यानी कि पूरे उत्तर प्रदेश में रोड शो की तैयारी हो रही हैं। बसपा के राष्ट्रीय समन्वक आकाश आनंद ही इसका नेतृत्व करेंगे यानी की कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो आकाश आनंद को राजनीति में पूरी तरह से स्थापित करने के लिए यह अभियान शुरू किया जा रहा है ।
यूपी पर कभी राज करने वाली वाली पार्टी हाशिए पर:
2007 के विधानसभा चुनाव में मायावती के पास उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 2006 सीट थी और देखते ही देखते समय के साथ उनकी सीट घटती चली गई। 2022 के विधानसभा चुनाव में तो उन्हें महज एक सीट पर जीत मिली। ऐसे में समझा जा सकता है कि उनकी राजनीतिक पकड़ कितनी कमजोर हो गई थी, लेकिन अपने जन्मदिन के मौके पर उन्होंने दावा किया कि वह पांचवीं बार राज्य में सरकार बनाने जा रही हैं। उन्होंने यह भी ऐलान किया था कि वह किसी के साथ गठबंधन नहीं करेंगी। वह अकेले ही चुनाव लड़ेंगी। आकाश आनंद के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में रोड शो होगा। रोड शो के जरिए बसपा किस हद तक विधानसभा में कमबैक कर पाती है, क्योंकि अपने पिछले वोट बैंक को साधने के अलावा नए वोटर्स को भी जोड़ने की यह कवायद है। माना जा रहा है कि विगत वर्षों में बसपा के युवा वोटर दूसरे पार्टियों की ओर शिफ्ट हुए हैं, उन्हें फिर से बसपा की ओर लाने के लिए ही रोड शो किया जा रहा है। चूंकि आकाश आनंद एक युवा नेता है, इसलिए उन्हें आगे करके युवाओं को साधने की कोशिश है। अब देखना है कि यह कोशिश कितनी रंग लाती है। अगर इसमें आकाश आनंद कामयाब रहे तो उनका भी राजनीतिक भविष्य आगे बढ़ता नजर आएगा। हालांकि 2027 का चुनावी समर काफी मुकाबला वाला होने वाला है ।भाजपा के साथ सपा और बसपा के आने के बाद तथा कांग्रेस के भी सक्रिय हो जाने का कुल मिलाकर एक रोचक मुकाबला होगा।

