केरल जीतने के लिए एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कोशिश तेज कर दी है। नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने के साथ ही विनोद तावडे को केरल का प्रभारी बनाया गया है। शुक्रवार को वहां प्रधानमंत्री मोदी भी पहुंचे और उन्होंने कहा कि केरल में हमारी शुरुआत हो चुकी है। यह ठीक वैसी ही स्थित है जैसे 1987 से पहले हम गुजरात में कहीं नहीं थे, लेकिन 1987 के बाद हमने पहली बार अहमदाबाद नगर निगम पर जीत दर्ज की और वहां से हमारी शुरुआत हुई ,जो अब तक जारी है। इस तरह हमने केरल के तिरुवंतपुरम नपा में जीत दर्ज की है और यहां हमारी शुरुआत हो चुकी है और हम केरल में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। वहीं एक दूसरे घटनाक्रम में जो चीज सामने आ रही है कि वह है कांग्रेस के सांसद और केरल से नाता रखने वाले शशि थरूर पार्टी से नाराज चल रहे हैं। केरल में महापंचायत के दौरान उन्हें नजर अंदाज किया गया, जिससे वह नाराज है। उसे दौरान वहां राहुल गांधी भी थे। उनसे कहा गया कि राहुल गांधी से ठीक पहले आप को मंच पर बोलने का मौका दिया जाएगा। आपके बाद ही राहुल गांधी वक्तव्य रखेंगे, लेकिन देखा गया कि कई अन्य लोग भी वक्तव्य देते रहे। यह सब शशि थरूर को अपमान जैसा लगा और वह नाराज हो गए, हालांकि पार्टी के स्तर पर उन्हें मनाने की कोशिश हुई है । लेकिन शायद वह हाई कमान से इस पर कुछ स्पष्टीकरण चाहते हैं । शशि थरूर का नाराज होना कहीं ना कहीं चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। केरल में चुनाव से पहले उनकी नाराजगी कांग्रेस के लिए अच्छे संकेत नहीं माने जा रहा है । वही भाजपा पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है। अब देखना है कि शशि थरूर की नाराजगी कब तक दूर होती है। पूरे घटनाक्रम पर भाजपा नजर बनाए हुए है।

