उदयपुर को लेक सिटी के नाम से जाना जाता है, नए साल के स्वागत के लिए पूरी तरह सज-धज कर तैयार था। 31 दिसंबर 2025 की रात को देश-विदेश से हजारों पर्यटक शहर पहुंचे। होटल, रेस्टोरेंट, क्लब और फार्म हाउस में न्यू ईयर पार्टियां आयोजित की गईं। लेक पिचोला और सिटी पैलेस के आसपास का नजारा खासतौर पर आकर्षक था, जहां आतिशबाजी और लाइट्स से माहौल रोशनी से जगमगा उठा। शहर में नाकाबंदी, प्रमुख चौराहों और पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई। ड्रंकन ड्राइविंग, तेज रफ्तार और हुड़दंग पर सख्त कार्रवाई के आदेश थे। आयोजकों को भीड़ नियंत्रण, फायर सेफ्टी, आईडी चेक और पार्किंग की सख्त हिदायतें दी गईं। नशे, अवैध शराब और हथियारों पर पूरी तरह रोक थी।
जयपुर मेंजयपुर में नए साल की शुरुआत आस्था के साथ
जयपुर में भी न्यू ईयर का स्वागत धूमधाम से हुआ, लेकिन कई लोग पार्टियों की बजाय मंदिरों में देव दर्शन से नए साल की शुरुआत करना पसंद करते हैं। गोविंद देव जी मंदिर और मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 1 जनवरी 2026 को भक्तों का सैलाब उमड़ा। दर्शन समय बढ़ाया गया था – गोविंद देव जी में लगभग 8-9 घंटे और मोती डूंगरी में 16-17 घंटे तक दर्शन खुले रहे।ट्रैफिक व्यवस्था भी विशेष थी, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

