पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब महज कुछ महीनो का समय बाकी रह गया है और इसी के साथ राजनीतिक पारा तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदा में बंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुभारंभ के बाद लोगों को संबोधित करते हुए राजनीतिक गरमाहट को और बढ़ा दिया ।उन्होंने मंच से कहा कि घुसपैठियों के कारण जो वास्तविक लोग हैं उनका हक मारा जा रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि घुसपैठ की समस्या तृणमूल कांग्रेस की देन है। तृणमूल सिंडिकेट इन्हें संरक्षण दे रही है। पीएम का यह कहना काफी मायने रखता है, क्योंकि भले ही यह चुनाव पूर्व खे गए शब्द हैं, लेकिन एक प्रधानमंत्री द्वारा इस तरह का बातों का जिक्र करना निश्चित तौर पर चुनावी माहौल को धार देने का अहम हथियार मान जा रहा है। बताते चले की 2026 से पहले बंगाल विधानसभा का चुनाव संपन्न करते हुए नई सरकार का गठन होना है। ऐसे में चुनाव में बहुत कम समय रह गया है ।प्रधानमंत्री ने वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत मालदा की धरती से की और 350 करोड़ के प्रोजेक्ट को लॉन्च भी किया, इससे समझा जा सकता है कि भाजपा किस तरह से बंगाल पर ध्यान दे रही है और यह वह अपने राजनीतिक इच्छा शक्ति को साधने के लिए कर रही है। बंगाल में जिस तरह से 11 नई ट्रेन शुरू की गई है ,वह भी अपने आप में काफी मायने रखता है। रेल बजट व आम बजट से ठीक पहले बंगाल के लिए प्रधानमंत्री ने खजाना खोल दिया है। जानकारों का मानना है की यह ट्रेन पॉलिटिक्स की शुरुआत है । यह शुरुआत कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी की थी। वर्ष 2009 में वह रेल मंत्री रहते हुए ट्रेन पॉलिटिक्स के जरिए बंगाल को साधने की कोशिश की थीं, तब बंगाल में वामपंथियों का शासन था। दरअसल रेलवे के पास देने के लिए काफी कुछ होता है और इसलिए राजनीतिक हित को साधने के लिए समय-समय पर रेलवे का इस्तेमाल करती रही है ।अब देखना है कि यह रेल पॉलिटिक्स बंगाल में कितना रंग लाता है।

