बिहार में का बा फेम नेहा सिंह राठौड़ कानूनी मुश्किलों में उलझती दिख रही है। शनिवार देर शाम लखनऊ के हजरतगंज थाना में उन्होंने हाजिरी लगाई और अपना बयान दर्ज करने पहुंची थी। लेकिन चुकी रात होने के कारण पुलिस ने उनका बयान दर्ज नहीं किया और कहा कि महिलाओं का बयान थाना में दिन के समय ही दर्ज किया जा सकता है, इसलिए वह दिन में आए। इसके बाद नेहा सिंह राठौड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब उन्हें नोटिस मिला तो वह यहां पहुंची है। वह अपना बयान दर्ज करना चाहती थी, लेकिन पुलिस ने फिलहाल उनका बयान दर्ज नहीं किया। वह फिर आएंगी और अपना बयान दर्ज कराएंगी। बता दे की भोजपुरी सिंगर नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहले ही खारिज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उनके सोशल मीडिया पोस्ट, पहलगाम आतंकी हमले के बाद, विवादित बने और पूरे उत्तर प्रदेश में कई एफ आई आर दर्ज होने के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ गईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। साल की शुरुआत में लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले ने नेहा की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।उनके खिलाफ पूरे उत्तर प्रदेश में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो उनके सोशल मीडिया पोस्ट और कथित टिप्पणियों से जुड़ी हैं।
पहलागाम आतंकी हमले के बाद नेहा के कथित बयानों से जुड़ा है मामला:
इस विवाद का केंद्र बिंदु अप्रैल में हुए पहलागाम आतंकी हमले के बाद नेहा के कथित बयानों से जुड़ा है। ‘बिहार में का बा’ सॉन्ग फेम नेहा सिंह राठौर ने 23 अप्रैल को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि “मोदी सरकार जाति और धर्म के आधार पर राजनीति कर रही है।” इसके बाद नेहा पर कई राष्ट्रविरोधी और भड़काऊ पोस्ट करने के आरोप लगे। उनका यह बयान सुरक्षा के मामलों पर सवाल उठाने के रूप में देखा गया, लेकिन शिकायतकर्ता ने इसे देश विरोधी भावनाएं फैलाने वाला माना।
नेहा ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा था कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका इरादा प्रधानमंत्री से पहलगाम में हुई घटना के बाद टूरिस्ट सुरक्षा इंतजामों पर सवाल करना था. नेहा ने स्पष्ट किया कि यह कोई गीत नहीं था, बल्कि सीधे तौर पर सुरक्षा चिंता व्यक्त करने वाला बयान था। इसके बावजूद, उनके पोस्ट पर कई शिकायतें और एफआईआर दर्ज हुईं, जिससे मामला कानूनी मोड़ ले चुका है।

